Wednesday, January 2, 2013

नववर्ष से आशा

नववर्ष है नव उमंग
नव तरंग और जीवन नव।
नव आशा है नव अभिलाषा
जीवन का आनंद नव॥

नवीन स्वप्न है
और प्रश्न है
जीवन का सिद्धांत नव।

सत्य नव है,
कर्म नव और है
सारा आनंद नव।

जीवन के हैं प्रश्न नये
और सभी आनंद हैं नव।

कई उल्लास हैं
और अहसास हैं,
और कई जवाब हैं नव।

हम सब के हैं दिल में बैठे,
सुरक्षित दिनों के सपने नव।

न हो कभी इस वर्ष कहीं
किसी 'दामिनी' के साथ बुरा।
और न मिले हमें देखने को
कोई दुःस्वप्न नव ॥

4 comments:



  1. ♥(¯`'•.¸(¯`•*♥♥*•¯)¸.•'´¯)♥
    ♥♥नव वर्ष मंगलमय हो !♥♥
    ♥(_¸.•'´(_•*♥♥*•_)`'• .¸_)♥



    नववर्ष है नव उमंग
    नव तरंग और जीवन नव
    नव आशा है नव अभिलाषा
    जीवन का आनंद नव

    बहुत सुंदर !

    पीयू जी
    अच्छे काव्य-प्रयास के लिए बधाई !
    लिखते रहें … और श्रेष्ठ लिखते रहें …


    नव वर्ष की शुभकामनाओं सहित…
    राजेन्द्र स्वर्णकार
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    1. आपके कमेंट के तह-ए-दिल से शुक्रिया । अगर ब्लॉग पसंद आया फॉलो करें। कमेंट्स और फॉलोअर से हमारी हौसला- आफ़जाई होती है।

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  2. रवीश का शुक्रिया जो उनकी वजह से कई अच्छे ब्लाग पढने को
    और
    आभार आपका भी इस सुन्दर रचना के लिये

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